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बाबू जगदेव प्रसाद
जन्म तिथि २ फेबरुआरी 2/2/1922
जगदेव वाङ्मय की दूसरी लिखित सामग्री जगदेव प्रसाद का वह उद्घाटन भाषण है जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में 14 जून, 1969 को व्यक्त किया था राष्ट्रीय शोषित संघ के सालाना जलसे को उद्घाटित करते हुए जगदेव प्रसाद ने कहा था कि हिंदुस्तान में जितने दल हैं, उनका नेतृत्व ऊंची जाति के हाथ में है। चाहे वह कांग्रेस हो या जनसंघ, कम्यूनिस्ट हो या संयुक्त सोशलिस्ट, प्रजा सोशलिस्ट हो या स्वतंत्र पार्टी सभी पर उन्हीं का कब्जा है। हिंदुस्तान की तमाम बीमारियों की ये लोग जड़ हैं। पुस्तक में संगृहित तीसरी सामग्री 31 अक्टूबर, 1969 ई. को सरदार पटेल की 94वीं जयंती पर दिया गया उनका उद्घाटन भाषण है। यह आयोजन बिहार के जमशेदपुर में हुआ, जिसे लौहनगरी कहा जाता है। समारोह को संबोधित करते हुए जगदेव प्रसाद ने यहां कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल हिंदुस्तान के लौहपुरुष माने गए हैं। लौहनगरी में लौहपुरुष की जयंती में शामिल होने की मुझे बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल शोषित समाज के बिलकुल साधारण परिवार में पैदा हुए थे। इसलिए विशाल शोषित समाज को सरदार पटेल पर फन है। यह महापुरुष परलोक से हिंदुस्तान के तमाम शोषितों का आह्वान कर रहा है कि शोषक वर्ग के खिलाफ बगावत करो और अपनी कुर्बानी से नया हिंदुस्तान बना डालो जिसमें द्विजवाद का नामोनिशान मिट जाए।
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